दोस्तों ट्रांसलेटर के प्रॉब्लम की वगाह से नए पोस्ट नहीं डाल पा रहा .बच्चन जी एक कविता याद आ रही है .सोचा उसे ही शेयर करूँ आपके साथ
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उनके लिए जिन्होंने इसे पढ़ रखी कई मर्तबा उन्हें यहाँ पढ़ कर भी अच्छा ही लगेगा और मेरे वो दोस्त जो इस मास्टर पिश से अब तक रूबरू नहीं हो पाए थे वो भी इसे एन्जॉय करेंगे

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